जब जीवन में शनि की साढ़ेसाती, राहु-केतु की महादशा या किसी और ग्रह की पीड़ा के कारण काम, सेहत और मन की शांति बार-बार भंग होने लगे, तो शास्त्रों में भगवान शिव के रुद्राभिषेक को सबसे प्रभावी उपायों में गिना जाता है। भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक — उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में सदियों से यह पूजा श्रद्धा-भाव से संपन्न होती आई है। mangalbhav.com पर घर बैठे अनुभवी आचार्यों से यह पूजा बुक करना बेहद आसान है।
यहां स्वयंभू शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, घी व पंचामृत से अभिषेक कर, वेद-मंत्रों व रुद्री पाठ के साथ भगवान शिव की आराधना की जाती है। शनि, राहु-केतु की पीड़ा हो या मानसिक अशांति — रुद्राभिषेक को शिव-कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल व प्रभावी माध्यम माना गया है।
Mangal Bhav से जुड़े हमारे अनुभवी आचार्यों को रुद्राभिषेक पूजन का 15+ वर्षों का अनुभव है, और अब तक 3,200+ परिवारों ने पूरी पारदर्शिता के साथ यहां यह विधि संपन्न करवाई है — संकल्प, अभिषेक और रुद्री पाठ, हर चरण की जानकारी के साथ।
रुद्राभिषेक में शिवलिंग पर अलग-अलग पवित्र द्रव्यों — जैसे जल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, गंगाजल, पंचामृत व भस्म — से अभिषेक किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार हर द्रव्य का अपना विशेष महत्व है, और वह जीवन के अलग-अलग क्षेत्र में शुभ फल देने वाला माना जाता है।
आचार्य जी आपकी कुंडली व वर्तमान परिस्थिति देखकर तय करते हैं कि किन द्रव्यों पर विशेष ज़ोर देना है। नीचे किसी भी द्रव्य पर क्लिक करके जानें कि उससे अभिषेक करने का क्या फल माना जाता है।
अगर जीवन में बार-बार यह परिस्थितियां सामने आ रही हैं, तो किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेकर रुद्राभिषेक करवाना उचित माना जाता है —
उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर शिप्रा नदी के तट पर स्थित है और भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है — यह एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग भी माना जाता है। पीढ़ियों से श्रद्धालु यहां आकर अपनी कुंडली के अनुसार रुद्राभिषेक करवाते आए हैं।
देश-विदेश से श्रद्धालु यहां आकर रुद्राभिषेक पूजा करवाते हैं, ताकि जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में आ रही बाधाएं दूर हो सकें और भगवान शिव की कृपा प्राप्त हो सके।
पहले तय करें आप पूजा कैसे करवाना चाहते हैं — नीचे दिया गया विकल्प पूरे पेज की जानकारी और कीमत, दोनों बदल देगा।
रुद्राभिषेक के लिए सोमवार, प्रदोष व्रत और महाशिवरात्रि को परंपरागत रूप से सबसे शुभ माना जाता है, हालांकि अन्य उपयुक्त तारीखों पर भी यह पूजा संपन्न की जा सकती है। आपकी सुविधा और आचार्य जी की उपलब्धता के अनुसार, हमारे ज्योतिषी आपके साथ सही तारीख तय करेंगे।
नीचे दिया गया पैकेज चुनें — सारांश बार तुरंत अपडेट हो जाएगा।
पैकेज के अनुसार जल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, गंगाजल व पंचामृत जैसे पवित्र द्रव्यों से क्रमवार अभिषेक किया जाता है, साथ में रुद्री पाठ भी होता है।
सोमवार, प्रदोष व्रत और महाशिवरात्रि को रुद्राभिषेक के लिए विशेष शुभ माना जाता है, हालांकि अन्य दिनों में भी यह पूजा संपन्न कराई जा सकती है।
जी हां। शनि की साढ़ेसाती-ढैय्या और राहु-केतु की महादशा में उत्पन्न कठिनाइयों को शांत करने के उपाय के रूप में रुद्राभिषेक को बहुत प्रभावी माना जाता है।
चुने गए पैकेज के अनुसार, संकल्प, अभिषेक, रुद्री पाठ एवं आरती सहित पूरी पूजा लगभग 2 से 3 घंटे में पूरी होती है।
जी हां, mangalbhav.com पर सभी पेमेंट एक सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड गेटवे के माध्यम से होते हैं और बुकिंग तुरंत कन्फर्म हो जाती है।
जी हां, पूजा की तारीख से 48 घंटे पहले तक बदली जा सकती है। इसके लिए नीचे दिए गए संपर्क विवरण या मंगल भाव ऐप का इस्तेमाल करें।
रुद्राभिषेक पूजा बुकिंग, कुंडली परामर्श या किसी भी जानकारी के लिए मंगल भाव से जुड़ें।
रुद्राभिषेक पूजा, तारीख या मूल्य से जुड़ा कोई सवाल है? हम जल्दी ही जवाब देंगे।