जब जन्म कुंडली में कोई ग्रह कमजोर, पीड़ित या वक्री स्थिति में हो — चाहे वह शनि की साढ़ेसाती हो, राहु-केतु की उलझन हो, या मंगल-बुध का असंतुलन — तो काम, सेहत और रिश्तों में बार-बार रुकावटें महसूस होने लगती हैं। ज्योतिष में इसे ग्रह दोष कहा जाता है। शिप्रा नदी के तट पर स्थित त्रिवेणी के नवग्रह मंदिर, उज्जैन में सदियों से नवग्रह शांति पूजा संपन्न होती आई है। mangalbhav.com पर घर बैठे अनुभवी आचार्यों से यह पूजा बुक करना बेहद आसान है।
यहां एक ही परिसर में सभी नौ ग्रहों की प्रतिष्ठा होने के कारण, एक ही अनुष्ठान में सभी ग्रहों को प्रसन्न करना संभव हो पाता है — यह सुविधा गिनी-चुनी जगहों पर ही मिलती है। यहां हर पूजा शास्त्रोक्त क्रम के अनुसार, बिना किसी कमी के संपन्न कराई जाती है।
Mangal Bhav से जुड़े हमारे अनुभवी आचार्यों को नवग्रह शांति पूजन का 15+ वर्षों का अनुभव है, और अब तक 3,500+ परिवारों ने पूरी पारदर्शिता के साथ यहां यह विधि संपन्न करवाई है — संकल्प, मंत्र-जाप और हवन, हर चरण की जानकारी के साथ।
वैदिक ज्योतिष में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु — इन नौ ग्रहों की स्थिति हमारे जीवन की दिशा तय करती है। जब कोई ग्रह जन्म कुंडली में कमजोर, वक्री, नीच या शत्रु राशि में हो, तो उसका असर काम, सेहत, रिश्तों और मानसिक शांति पर पड़ने लगता है।
हर व्यक्ति की कुंडली में यह प्रभाव अलग होता है — कौन सा ग्रह पीड़ित है और किस भाव में बैठा है, यही तय करता है कि जीवन में किस तरह की बाधाएं आ रही हैं। नीचे किसी भी ग्रह पर क्लिक करके जानें कि उसका कमजोर होना क्या संकेत दे सकता है।
अगर जीवन में बार-बार यह परिस्थितियां सामने आ रही हैं, तो किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेना उचित हो सकता है —
उज्जैन का नवग्रह मंदिर त्रिवेणी घाट पर शिप्रा नदी के तट पर स्थित है, जहां एक ही परिसर में नौ ग्रहों की पूजा संभव होती है। पीढ़ियों से श्रद्धालु यहां आकर अपनी कुंडली के अनुसार पीड़ित ग्रहों की शांति के लिए विशेष अनुष्ठान करवाते आए हैं।
देश-विदेश से श्रद्धालु यहां आकर नवग्रह शांति पूजा करवाते हैं, ताकि जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में आ रही बाधाएं दूर हो सकें और ग्रहों की कृपा प्राप्त हो सके।
पहले तय करें आप पूजा कैसे करवाना चाहते हैं — नीचे दिया गया विकल्प पूरे पेज की जानकारी और कीमत, दोनों बदल देगा।
नवग्रह शांति पूजा के लिए रविवार, शनिवार और अमावस्या को परंपरागत रूप से सबसे शुभ माना जाता है, हालांकि अन्य उपयुक्त तारीखों पर भी यह पूजा संपन्न की जा सकती है। आपकी सुविधा और आचार्य जी की उपलब्धता के अनुसार, हमारे ज्योतिषी आपके साथ सही तारीख तय करेंगे।
नीचे दिया गया पैकेज चुनें — सारांश बार तुरंत अपडेट हो जाएगा।
जी हां, इस पूजा में सूर्य से लेकर केतु तक सभी नौ ग्रहों का पूजन एक ही अनुष्ठान में विधिपूर्वक किया जाता है, ताकि जो भी ग्रह अशुभ प्रभाव दे रहा हो, उसकी शांति हो सके।
बुकिंग के समय mangalbhav.com पर अपनी जन्म तारीख, समय और स्थान साझा करें — हमारे आचार्य आपकी कुंडली देखकर सटीक स्थिति बताएंगे।
नहीं। नवग्रह शांति पूजा किसी एक ग्रह के लिए नहीं, बल्कि सभी नौ ग्रहों के संतुलन के लिए की जाती है — भले ही किसी एक ग्रह का प्रभाव अभी सबसे ज्यादा महसूस हो रहा हो।
चुने गए पैकेज के अनुसार, नवग्रह पूजन, मंत्र जाप, हवन एवं दान सहित पूरी पूजा लगभग 3 से 4 घंटे में पूरी होती है।
जी हां, mangalbhav.com पर सभी पेमेंट एक सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड गेटवे के माध्यम से होते हैं और बुकिंग तुरंत कन्फर्म हो जाती है।
जी हां, पूजा की तारीख से 48 घंटे पहले तक बदली जा सकती है। इसके लिए नीचे दिए गए संपर्क विवरण या मंगल भाव ऐप का इस्तेमाल करें।
नवग्रह शांति पूजा बुकिंग, कुंडली परामर्श या किसी भी जानकारी के लिए मंगल भाव से जुड़ें।
नवग्रह शांति पूजा, तारीख या मूल्य से जुड़ा कोई सवाल है? हम जल्दी ही जवाब देंगे।