🔥 उज्जैन के सिद्धवट घाट पर पितृ दोष पूजा — वेरिफाइड पंडित Live Video Puja 4.8★ Rated
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उज्जैन में पितृ दोष निवारण पूजा — नारायण बलि, त्रिपिंडी श्राद्ध और पिंड दान से पितरों को शांति

जब परिवार के पितर (पूर्वज) अतृप्त रह जाते हैं — किसी अकाल मृत्यु के कारण, या अधूरे रह गए संस्कारों के चलते — तो ज्योतिष शास्त्र में इसे पितृ दोष कहा जाता है। शिप्रा नदी के तट पर स्थित सिद्धवट, उज्जैन में सदियों से नारायण बलि, त्रिपिंडी श्राद्ध और पिंड दान की विधि संपन्न होती आई है। mangalbhav.com पर घर बैठे अनुभवी आचार्यों से यह पूजा बुक करना बेहद आसान है।

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सिद्धवट घाट, उज्जैन — पितृ दोष पूजा एवं पिंड दान स्थल
सिद्धवट घाट, उज्जैन शिप्रा नदी के तट पर — पितृ दोष पूजा स्थल
सिद्धवट, उज्जैन

उज्जैन में पिंड दान एवं नारायण बलि का शास्त्रोक्त केंद्र

🕉️ स्कन्द पुराण में शिप्रा नदी के तट पर स्थित सिद्धवट को पूर्वजों के पिंड दान के लिए प्रमुख तीर्थ बताया गया है।

पौराणिक मान्यता है कि इस प्राचीन वटवृक्ष स्थल पर सदियों से नगर श्राद्ध और नारायण बलि जैसे अनुष्ठान अतृप्त आत्माओं की शांति हेतु संपन्न किए जाते रहे हैं — गया के समान ही इसे भी इस विधि के लिए सबसे प्रामाणिक स्थलों में गिना जाता है। यहां हर पूजा शास्त्रों में बताए गए क्रम के अनुसार, बिना किसी कमी के संपन्न कराई जाती है।

Mangal Bhav से जुड़े हमारे अनुभवी आचार्यों को पितृ दोष निवारण, नारायण बलि एवं त्रिपिंडी श्राद्ध पूजन का 15+ वर्षों का अनुभव है, और अब तक 4,000+ परिवारों ने पूरी पारदर्शिता के साथ यहां यह विधि संपन्न करवाई है — संकल्प, मंत्र-जाप और विधिवत पूजन, हर चरण की जानकारी के साथ।

घर से उज्जैन आना संभव नहीं? कोई बात नहीं — आपके नाम व गोत्र से संकल्प लेकर पूजा यहां संपन्न करवाई जाती है, और आपको पूजा की झलक फोटो-वीडियो के रूप में साझा की जाती है।
पूजा बुक करें →
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पितृ दोष को समझें

🔴 आखिर क्या है पितृ दोष?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य या नवम भाव (पिता एवं पितरों का भाव) पर राहु, केतु या शनि का प्रभाव पड़ता है, या फिर पूर्वजों के अधूरे रह गए संस्कारों का बोझ वंश पर बना रहता है, तब इसे पितृ दोष कहा जाता है।

इसका प्रभाव अक्सर विवाह में देरी, बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं, कड़ी मेहनत के बावजूद धन की अस्थिरता, या परिवार में बिना वजह के तनाव के रूप में देखा जाता है। हर कुंडली में इसकी तीव्रता एक जैसी नहीं होती — कौन से ग्रह जुड़े हैं और वे किस स्थिति में हैं, यही असली प्रभाव तय करता है। नीचे दिए गए किसी भी कारण पर क्लिक करके विस्तार से जानें।

🪔 अगर आपको नहीं पता कि आपकी कुंडली में पितृ दोष है या नहीं, हमारे आचार्य आपकी जन्म कुंडली देखकर सही मार्गदर्शन देंगे
कारण 1
सूर्य पर राहु-केतु का प्रभाव
लोड हो रहा है...
आम संकेत

🌿 पितृ दोष के संभावित लक्षण

अगर जीवन में बार-बार यह परिस्थितियां सामने आ रही हैं, तो किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेना उचित हो सकता है —

💍
विवाह में देरी
रिश्ते आने के बाद भी बार-बार बात नहीं बनती, या शादी की तारीख बिना किसी स्पष्ट वजह के टलती रहती है।
👶
संतान सुख में बाधा
गर्भधारण में कठिनाई, या परिवार में बच्चों को लेकर बार-बार स्वास्थ्य संबंधी चिंता बनी रहना।
💰
धन में उतार-चढ़ाव
अच्छी कमाई के बावजूद पैसा हाथ में टिकता नहीं।
🌙
पितरों से जुड़े स्वप्न
पूर्वजों के बार-बार सपने आना, या रात में बिना किसी वजह के अजीब बेचैनी महसूस होना।
🏠
पारिवारिक कलह
संपत्ति या पारिवारिक मुद्दों पर बिना किसी खास वजह के बार-बार झगड़े होना।
🩺
अकारण बीमारी
परिवार में ऐसी स्वास्थ्य समस्याएं जिनका डॉक्टर भी स्पष्ट कारण नहीं बता पाते।
Kyun Ujjain

उज्जैन का सिद्धवट शिप्रा नदी के तट पर स्थित एक प्राचीन वटवृक्ष स्थल है, जिसे पुराणों में पितरों के पिंड दान के लिए प्रमुख तीर्थों में गिना गया है। यहां पीढ़ियों से श्रद्धालु उन पूर्वजों की शांति के लिए नारायण बलि एवं त्रिपिंडी श्राद्ध करवाने आते रहे हैं, जिनके संस्कार अधूरे रह गए थे।

देश-विदेश से श्रद्धालु यहां आकर अपनी जन्म कुंडली के अनुसार पितृ दोष निवारण पूजा करवाते हैं, ताकि पितरों को शांति मिले और पितृ दोष से जुड़ी बाधाएं दूर हो सकें।

सिद्धवट
— उज्जैन का पारंपरिक पिंड दान तीर्थ
2,600+
मंगल भाव से बुक हुई पितृ दोष पूजाएं
12+
सत्यापित उज्जैन आचार्य
4.8★
औसत भक्त रेटिंग
पूजा विधि

🔱 किस तरह होती है यह वैदिक पूजा

पहले तय करें आप पूजा कैसे करवाना चाहते हैं — नीचे दिया गया विकल्प पूरे पेज की जानकारी और कीमत, दोनों बदल देगा।

📅 शुभ मुहूर्त

आने वाली उपलब्ध पूजा तारीखें

पितृ दोष निवारण पूजा के लिए पितृ पक्ष और अमावस्या को परंपरागत रूप से सबसे शुभ माना जाता है, हालांकि अन्य उपयुक्त तारीखों पर भी यह पूजा संपन्न की जा सकती है। आपकी सुविधा और पंडित जी की उपलब्धता के अनुसार, हमारे ज्योतिषी आपके साथ सही तारीख तय करेंगे।

स्पष्ट मूल्य निर्धारण

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नीचे दिया गया पैकेज चुनें — सारांश बार तुरंत अपडेट हो जाएगा।

🌿 बेसिक
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        भक्तों का अनुभव

        भक्तों के विचार

        "
        मेरे भाई के लिए साल दर साल रिश्ते आते पर बात नहीं बनती थी। सिद्धवट में नारायण बलि और त्रिपिंडी श्राद्ध के बाद, चार महीने में ही रिश्ता तय हो गया।
        🙏
        ★★★★★
        प्रिया शर्मा
        दिल्ली एनसीआर
        "
        मुंबई से मंगल भाव पर बुकिंग बहुत आसान रही। लाइव कॉल पर पंडित जी ने हर चीज़ अच्छे से समझाई, और प्रसाद-सर्टिफिकेट समय पर पहुंचा।
        🙏
        ★★★★★
        राकेश अय्यर
        मुंबई, महाराष्ट्र
        "
        अमेरिका में रहते हुए उज्जैन जाना संभव नहीं था। टीम ने पिताजी के नाम से संकल्प लिया और पूरी पूजा का वीडियो हमारे परिवार के साथ साझा किया।
        🙏
        ★★★★★
        अंजलि मेनन
        न्यू जर्सी, अमेरिका
        प्रश्न

        अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

        01क्या पितृ दोष का मतलब है कि परिवार पर कोई श्राप है?+

        बिल्कुल नहीं। पितृ दोष केवल यह दर्शाता है कि किसी पूर्वज के संस्कार अधूरे रह गए हैं, यह कोई स्थायी श्राप नहीं है। विधिपूर्वक नारायण बलि, त्रिपिंडी श्राद्ध या पिंड दान करवाने से इसका समाधान होना माना जाता है।

        02मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरी कुंडली में पितृ दोष है?+

        बुकिंग के समय mangalbhav.com पर अपनी जन्म तारीख, समय और स्थान साझा करें — हमारे ज्योतिषी आपकी कुंडली देखकर सटीक स्थिति बताएंगे।

        03नारायण बलि और त्रिपिंडी श्राद्ध में क्या अंतर है?+

        नारायण बलि उस आत्मा के लिए की जाती है जिसकी मृत्यु अकाल या अस्वाभाविक रूप से हुई हो और जिसे मोक्ष के लिए विशेष विधि की आवश्यकता होती है। त्रिपिंडी श्राद्ध में तीन पिंडों के माध्यम से अतृप्त पूर्वजों की तीन श्रेणियों को एक साथ शांति दी जाती है। पूर्ण शांति के लिए कई परिवार दोनों अनुष्ठान एक ही बैठक में करवाते हैं।

        04पूजा में कितना समय लगता है?+

        चुने गए पैकेज के अनुसार, नारायण बलि, त्रिपिंडी श्राद्ध, पिंड दान और हवन सहित पूरी पूजा लगभग 3 से 4 घंटे में पूरी होती है।

        05क्या ऑनलाइन पेमेंट सुरक्षित है?+

        जी हां, mangalbhav.com पर सभी पेमेंट एक सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड गेटवे के माध्यम से होते हैं और बुकिंग तुरंत कन्फर्म हो जाती है।

        06क्या मैं अपनी बुकिंग की तारीख बदल सकता हूं?+

        जी हां, पूजा की तारीख से 48 घंटे पहले तक बदली जा सकती है। इसके लिए नीचे दिए गए संपर्क विवरण या मंगल भाव ऐप का इस्तेमाल करें।

        🙏 श्रद्धा के साथ शुरुआत

        पितरों को शांति, और आने वाली पीढ़ियों के लिए आशीर्वाद

        शिप्रा नदी के पावन तट पर स्थित सिद्धवट में श्रद्धा-भाव से की जाने वाली यह पूजा, आपके पितरों को वे संस्कार देने का प्रयास है जिनकी उन्हें अब तक प्रतीक्षा रही हो — और बदले में परिवार को मानसिक शांति प्रदान करती है। आज ही अपनी पितृ दोष निवारण पूजा बुक करें।

        बुकिंग उपलब्ध यहां भी

        इन शहरों के श्रद्धालुओं के लिए पितृ दोष पूजा बुकिंग

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