जिस पावन भूमि पर भक्तिन घुश्मा की अटूट शिवभक्ति से स्वयं भगवान शिव प्रकट हुए… वहीं आपके नाम एवं गोत्र से होगा शास्त्रोक्त वैदिक अनुष्ठान। विश्व धरोहर एलोरा गुफाओं के निकट, वेरुळ ग्राम में विराजमान श्री घृष्णेश्वर महादेव — द्वादश ज्योतिर्लिंगों में अंतिम एवं बारहवां — के पावन धाम में वेद-वेदांगों के विद्वान आचार्यों द्वारा आपके नाम एवं गोत्र से वैदिक रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जप, शिवपूजन एवं विशेष संकल्प सम्पन्न कराया जाता है — चाहे आप स्वयं यात्रा पर जाएं या घर बैठे पंडित जी द्वारा दर्शन-पूजा करवाएं। यह केवल एक पूजा नहीं, बल्कि भगवान शिव की दिव्य कृपा एवं मोक्ष प्राप्ति का वैदिक आध्यात्मिक अनुष्ठान है। ॥ हर हर महादेव ॥
कोई और प्लेटफॉर्म ये सुविधाएं नहीं देता — मंगल भव: पर आपको मिलती हैं।
"पंडित जी रवाना हुए → मंदिर पहुंचे → संकल्प शुरू → अभिषेक चल रहा है → पूजा पूर्ण" — हर स्टेप का रियल-टाइम अपडेट, जैसे फूड डिलीवरी ट्रैकिंग।
पूजा के 30 दिन बाद एक छोटा चेक-इन ("पूजा के बाद कैसा महसूस कर रहे हैं?") और आपके डैशबोर्ड में परिवार की सभी पूजाओं की डिजिटल स्प्रिचुअल जर्नल — कब, कौन सी, किस मंदिर में।
ऐप डैशबोर्ड मेंपूर्वजों की तिथि एक बार सेव करें — हर साल सही गणना के साथ अपने आप WhatsApp रिमाइंडर, साथ में एक-क्लिक रीबुकिंग। कोई और प्लेटफॉर्म यह नहीं देता।
एक बार सेव करें, हर साल याद रखेंपंडित जी को दक्षिणा का कितना हिस्सा मिलता है — पूरी पारदर्शिता के साथ। इससे भरोसा भी बढ़ता है और पंडितों को भी उचित सम्मान मिलता है।
पूजा पूर्ण होने के बाद 48 घंटे तक पंडित जी से टेक्स्ट या वॉइस पर मंत्रों एवं अनुष्ठान के अर्थ संबंधी प्रश्न पूछ सकते हैं — सिर्फ एड्रेस/टाइमिंग चैट नहीं।
पूजा पूर्ण होने के बाद सक्रियरिफंड पॉलिसी तो सब देते हैं — पर अगर पूजा प्रक्रिया से संतुष्ट न हों, तो वही पूजा दोबारा मुफ्त में संपन्न कराने की स्पष्ट लिखित गारंटी सिर्फ मंगल भव: पर।
लिखित गारंटीशिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव ज्योति (प्रकाश) स्वरूप में जिन बारह पावन स्थानों पर स्वयं प्रकट हुए, वे द्वादश ज्योतिर्लिंग कहलाते हैं। ये संपूर्ण भारत में फैले हुए हैं और शिव भक्तों के लिए सर्वोच्च तीर्थ माने जाते हैं।
इनमें श्री घृष्णेश्वर को बारहवें एवं अंतिम ज्योतिर्लिंग का गौरव प्राप्त है — महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में, विश्व धरोहर एलोरा गुफाओं के निकट, वेरुळ ग्राम में विराजमान। यह द्वादश ज्योतिर्लिंगों की परिक्रमा का समापन-स्थल माना जाता है। मान्यता है कि यहाँ दर्शन एवं अभिषेक करने से भक्तिन घुश्मा जैसी अटूट श्रद्धा का आशीर्वाद प्राप्त होता है तथा समस्त द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा पूर्ण करने का पुण्य फल इसी अंतिम दर्शन से प्राप्त होता है।
अन्य ग्यारह ज्योतिर्लिंगों की यात्रा भी क्रमशः मंगल भव: पर उपलब्ध है। प्रत्येक ज्योतिर्लिंग के विषय में जानने के लिए चक्र पर उसका क्रमांक टैप करें।
भक्तिन घुश्मा की अटूट श्रद्धा और इतिहास की अनगिनत परतों को समेटे यह मंदिर शिव भक्तों के लिए विशेष स्थान रखता है—
घृष्णेश्वर, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में विश्व धरोहर एलोरा गुफाओं के निकट बसा वह पावन स्थल है जिसे शास्त्रों में द्वादश ज्योतिर्लिंगों में अंतिम एवं समापन-स्थल का विशिष्ट स्थान प्राप्त है। भक्तिन घुश्मा की अटूट शिवभक्ति एवं एलोरा की प्राचीन शैलकृत गुफाओं के साक्षी में यहाँ शिवोपासना की परम्परा युगों से अनवरत चली आ रही है।
श्रद्धालु देश-विदेश से यहाँ आकर भगवान घृष्णेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं तथा शास्त्रोक्त विधि से रुद्राभिषेक एवं दर्शन पूजा सम्पन्न कराते हैं।
योग्य आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त क्रम में सम्पन्न किया जाने वाला अनुष्ठान — आपके नाम व गोत्र से।
आचार्य आपके नाम एवं गोत्र से संकल्प ग्रहण कर विघ्नविनाशक श्रीगणेश का पूजन करते हैं।
वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य जल, दुग्ध, मधु, दधि, घृत एवं बेलपत्र से ज्योतिर्लिंग का अभिषेक किया जाता है।
शास्त्रोक्त महामृत्युंजय एवं शिव पंचाक्षर मंत्रों का विधिपूर्वक जाप सम्पन्न होता है।
अभिषेक के उपरांत भगवान का श्रृंगार किया जाता है तथा लाइव वीडियो के माध्यम से आपको दर्शन कराया जाता है।
मंदिर परिसर स्थित पावन शिवालय तीर्थ कुंड पर आपके नाम से विशेष संकल्प एवं प्रार्थना सम्मिलित की जाती है।
पूजा सम्पन्न होने के उपरांत प्रसाद, पूजा का वीडियो तथा डिजिटल पूर्णता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाता है।
पंडित जी भगवान शिव से हमारे परिवार के लिए दुआ मांग रहे हैं।
वे शिवलिंग पर जल, दूध और शहद डाल रहे हैं — इसे "अभिषेक" कहते हैं, यानी प्यार से नहलाना।
वे पुराने संस्कृत मंत्र गा रहे हैं — यह हज़ारों साल पुरानी प्रार्थना है।
दीये जलाकर आरती हो रही है — इससे मंदिर रोशनी से भर जाता है।
पूजा के बाद "प्रसाद" मिलेगा — यह भगवान का आशीर्वाद-भरा मीठा उपहार है।
यह परंपरा हमारे परिवार में दादा-परदादा से चली आ रही है — अब तुम भी इसका हिस्सा हो!
सोमवार, प्रदोष, महाशिवरात्रि एवं अन्य शुभ तिथियों में यह पूजा विशेष फलदायी मानी गई है। आपकी सुविधा एवं पंडितों की उपलब्धता के अनुसार तिथि निर्धारित की जाती है।
अपनी जन्म-तारीख व राशि बताएं — हम सामान्य त्योहार-कैलेंडर के बजाय आपकी कुंडली के अनुरूप सर्वोत्तम पूजा-तिथि सुझाएंगे।
नीचे एक पैकेज चुनें — सारांश बार तुरंत अपडेट होगा।
बुकिंग के बाद प्राप्तकर्ता को एक शेयर करने योग्य "Gift-a-Puja" लिंक व डिजिटल गिफ्ट-कार्ड भेजा जाएगा।
सभी होटल AC/नॉन-AC श्रेणी अनुसार पूर्व-निर्धारित एवं कन्फर्म किए जाते हैं। मंदिर से निकटतम स्थान चुना जाता है — देव-दीपावली, महाशिवरात्रि जैसी पीक सीजन में अपग्रेड सब्जेक्ट टू उपलब्धता।
घृष्णेश्वर मंदिर परिसर में दर्शन हेतु सामान्य/स्पीड (VIP) लाइन की उपलब्धता भीड़ एवं समय पर निर्भर करती है; वीआईपी पैकेज में प्राथमिकता दर्शन हेतु प्रयास किया जाएगा, जो मंदिर प्रशासन की अनुमति के अधीन है।
बुकिंग की पुष्टि पूर्ण भुगतान प्राप्त होने पर ही होती है। सभी भुगतान सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड गेटवे से लिए जाते हैं तथा भाई-बहनों में पेमेंट बांटने (Split Payment) की सुविधा भी उपलब्ध है।
पूजा तिथि से 48 घंटे पहले तक तिथि एक बार निःशुल्क बदली जा सकती है। पर्व-विशेष भीड़ के कारण पंडित जी द्वारा भी उपयुक्त वैकल्पिक तिथि का सुझाव दिया जा सकता है।
महाशिवरात्रि एवं श्रावण मास जैसे विशेष अवसरों पर मंदिर में भारी भीड़ रहती है। ऐसे समय दर्शन-क्रम एवं समय-सारणी मंदिर प्रशासन के दिशा-निर्देशों अनुसार समायोजित की जाएगी।
पूजा तिथि से 72+ घंटे पूर्व रद्द करने पर 90% राशि वापस, 24–72 घंटे में 50% वापस, तथा 24 घंटे के भीतर रद्दीकरण नॉन-रिफंडेबल माना जाएगा।
पूजा प्रक्रिया से संतुष्ट न होने की स्थिति में, वही पूजा दोबारा मुफ्त में सम्पन्न कराने की स्पष्ट लिखित गारंटी मंगल भव: देता है।
आपका नाम, गोत्र एवं व्यक्तिगत विवरण केवल संकल्प हेतु प्रयोग किया जाता है तथा पूर्णतः गोपनीय एवं सुरक्षित रखा जाता है।
पूजा सम्पन्न होने के 5–9 कार्यदिवसों के भीतर पूजित प्रसाद कूरियर द्वारा भारत में कहीं भी भेजा जाता है (वीआईपी पैकेज में सम्पूर्ण भारत में प्रेषण शुल्क निःशुल्क)।
पैकेज शुल्क का लगभग 70% पंडित दक्षिणा, 20% समन्वय व लॉजिस्टिक्स तथा 10% प्लेटफॉर्म शुल्क में जाता है — पूर्ण पारदर्शिता के साथ।
कृपया ऊपर "शुभ मुहूर्त" अनुभाग से तिथि चुनें।
नहीं। आप दूर से ही बुकिंग कर सकते हैं और लाइव वीडियो कॉल के माध्यम से जुड़ सकते हैं, जबकि पंडित जी घृष्णेश्वर मंदिर में आपकी ओर से पूजा करते हैं। इसके बाद प्रसाद आपके पते पर कूरियर कर दिया जाता है।
जी हां, बुकिंग के समय आप जिन सदस्यों का नाम व गोत्र संकल्प में सम्मिलित करवाना चाहें, वह हमें बता सकते हैं — आचार्य पूजा में उन सभी के लिए प्रार्थना करते हैं।
रुद्राभिषेक सहित संपूर्ण दर्शन-पूजा में आमतौर पर चुने गए पैकेज के अनुसार 1.5 से 2.5 घंटे लगते हैं।
जी हां, mangalbhav.com पर सभी भुगतान सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड गेटवे के माध्यम से तुरंत बुकिंग पुष्टि के साथ प्रोसेस किए जाते हैं।
सोमवार, प्रदोष एवं महाशिवरात्रि पारंपरिक रूप से सबसे शक्तिशाली माने जाते हैं, हालांकि पंडित जी की सलाह पर अन्य उपयुक्त दिनों में भी पूजा की जा सकती है।
जी हां, पूजा तिथि से 48 घंटे पहले तक तारीख बदली जा सकती है। नीचे दिए गए विवरण या मंगल भव: ऐप के माध्यम से सहायता से संपर्क करें।
घृष्णेश्वर दर्शन-पूजा बुकिंग, अन्य ज्योतिर्लिंग यात्रा या किसी भी प्रश्न के लिए मंगल भव: से जुड़ें।
घृष्णेश्वर दर्शन-पूजा, तिथियों या मूल्य के बारे में प्रश्न हैं? हम जल्दी जवाब देंगे।